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पेड़

मैं पेड़ हूँ निरंतर कटता रहता हूँ, कटते कटते तुम्हारे घर बनाता हूँ जीते जी तुम्हारी सांसो में बस जाता हूँ। तुम जीते हो तो काम आता हूँ, मरते हो तो भी काम आता हूँ, कहीं पे घना जंगल ...